नमस्कार दोस्तों मैं प्रत्युष द्विवेदी सीमा भाभी की कहानी का अगला पाठ आपके सामने लेकर आ गया हूं। अगर किसी ने पहला भाग नहीं पढ़ा है तो मैं निवेदन करूंगा कि पहले पहला भाग पढ़ ले। फिर आगे की कहानी पढ़े। नहीं तो आपको इतना मजा नहीं आएगा। चलो अब सीधा कहानी पर आते हैं।
अब मेरी सीमा भाभी से खुल कर बातें होने लगी थी। अब मैं सीमा को खुल कर अपनी पर्सनल रंडी की तरह रखने लगा था। सीमा को भी इस बात में कोई एतराज नहीं था। वह इस रिश्ते से बहुत खुश थी। सीमा ने पूरी तरह से अपने आप को मुझे समर्पित कर दिया था। सीमा अब मेरे घर पर बहुत ज्यादा आया-जाया करती थी। लेकिन वह तभी आती थी जब उसके सास, ससुर, बच्चे और पति घर पर ना हो। वह मेरे लिए चाय बना कर लाया करती थी। वह मेरे लिए खाना भी बना कर लाया करती थी।



Write a comment ...